All posts in Funny Hindi Poetry on Azam Khan

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कावंड़ यात्रा पे जाम लगता है, मोहर्रम के जुलुस में भी जाम लगता है! चौराहे पे लगने वाले जाम का कोई धर्म नही होता यारों।

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कैद कर लिया साँपों को यह कहकर सपेरे ने… नेता ही काफी है…अब इंसानों को डसने के लिए..!!

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बारूदों के बदले हाथों में आ जाए किताब तो अच्छा हो, ऐ काश हमारी आखों का इक्कीसवाँ ख्वाब तो अच्छा हो…

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