All posts in Funny Hindi Poetry on Barkha Dutt

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कलम हाथ मेँ है,खंजर की क्या जरुरत हमे पढे लिखे है, सलीके से कत्ल करते है

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तुम इतना क्यों RT दिए जा रहे हो क्या ट्वीट किया है जिसको छिपा रहे हो

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इतनी जल्दी कॉपी तो फोटो कॉपी मशीन भी नही करती है जितनीं जल्दी ट्वीट कॉपी होते है

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मैं दलाल लिखूंगा तुम पत्रकार समझ लेना

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महिला की इज्जत, फौजी का जिंदगी, किसान की फसल, ईमानदार पत्रकारिता और इंसान की जान को छोड़कर सब कुछ कीमती है भारत में

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क्या ये सच है के पत्रकारों का भी मजहब होता है?

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कैद कर दिया सापों को ये कहकर सपेरे ने, अब इन्सानो को डसने के लिये मीडिया ही काफी है!

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ये मौसम भी “बरखा दत्त” हो गया है

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