All posts in Funny Hindi Poetry on Nikhil Wagle (Journalist)

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बिकतें थे हुक्मरान हमें कब था , इसका गम, रोना तो इस बात का है , कि इस मुल्क के अखबार बिक गए

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आओ मोदी जी आज हम और आप एक समझौता कर लेते हैं….आप जनता से झूठ बोलना बंद कर दो….मै आपके बारे में सच लिखना बंद कर दूँगा…।

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कलम हाथ मेँ है,खंजर की क्या जरुरत हमे पढे लिखे है, सलीके से कत्ल करते है

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