All posts in Funny Hindi Poetry on Padmaja Joshi

Poetry

बिकतें थे हुक्मरान हमें कब था , इसका गम, रोना तो इस बात का है , कि इस मुल्क के अखबार बिक गए

Poetry

कलम हाथ मेँ है,खंजर की क्या जरुरत हमे पढे लिखे है, सलीके से कत्ल करते है

error: Content is protected !!
UA-55292910-2