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मैं दलाल लिखूंगा तुम पत्रकार समझ लेना

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कैद कर लिया साँपों को यह कहकर सपेरे ने… मीडिया ही काफी है…अब इंसानों को डसने के लिए..!!

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महिला की इज्जत, फौजी का जिंदगी, किसान की फसल, ईमानदार पत्रकारिता और इंसान की जान को छोड़कर सब कुछ कीमती है भारत में

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कैद कर दिया सापों को ये कहकर सपेरे ने, अब इन्सानो को डसने के लिये मीडिया ही काफी है!

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