Poetry

आजकल पॉंव जमीन पर नहीं पढ़ते मेरे… बोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए… कभी जमीन पर बुलेट ट्रेन… तो अब पानी में सी प्लेन…

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